Tuesday, March 11, 2014

केजरीवाल को झटका, एक और नेता ने छोड़ा साथ


नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में टिकट पर मचा घमासान बढ़ता जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और जाने माने वकील अशोक अग्रवाल ने टिकट बंटवारे पर पार्टी की नीतियों से दुखी होकर पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है। अग्रवाल ने अपना इस्तीफा पार्टी को भेज दिया है।
इस्तीफा देने के बाद अग्रवाल ने कहा कि पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर वो दुखी थे। जिससे पार्टी में बने रहना अब मुमकिन नहीं था। ऐसे में पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं है। अग्रवाल के मुताबिक टिकट बंटवारे में बड़े नामों को तरजीह दी जा रही थी, और इससे वो दुखी थे। अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘आप’ प्राइवेट लिमिटेड पार्टी की तरह काम कर रही है।
आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे अशोक अग्रवाल के मुताबिक जब वो आम आदमी पार्टी से जुड़े तो उन्हें लगा कि यहां आम आदमी के मुद्दों को तरजीह दी जाएगी। लेकिन अब उन्हें महसूस हो रहा है कि पार्टी में ऐसा नहीं हो रहा है। अग्रवाल के मुताबिक पार्टी के विधायक रहे बिनोद कुमार बिन्नी जो भी आरोप लगा रहे थे, वो सही थे।
गौरतलब है कि टिकट बंटवारे पर आप में सिर फुटौव्वल की नौबत आ पड़ी है। इसे लेकर दो दिन पहले पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित केजरीवाल के घर पर भी विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ से आप की लोकसभा उम्मीदवार सविता भट्टी ने यह कहते हुए अपना नाम वापस ले लिया था कि पार्टी के कार्यकर्ता ही चुनाव प्रचार में उनका साथ नहीं दे रहे हैं। 

Thursday, March 6, 2014

बताइए कि इनमें से आप किन्हें चुनना चाहेंगे प्रधानमंत्री? किन्हें देखना चाहेंगे आप पीएम के पद पर?

करें वोट और जरूर बताएं। वोट करने के लिए यहां क्लिक करें. netagan

Tuesday, March 4, 2014

महाराष्ट्र में BJP भारी, दिल्ली में 'आप' से टक्कर

नई दिल्ली। आईबीएन7 के लिए सीएसडीएस के सर्वे में भारतीय जनता पार्टी बढ़त पर दिख रही है। महाराष्ट्र में कराए गए सर्वे में बीजेपी विपक्षी गठबंधन कांग्रेस-एनसीपी पर भारी है। लेकिन दिल्ली में उसकी आम आदमी पार्टी से कांटे की टक्कर है।
दिल्ली
सर्वे के मुताबिक दिल्ली में अगर अभी चुनाव हों तो बीजेपी को फायदा होता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी को 36 फीसदी वोट हासिल होने का अनुमान है जबकि आम आदमी पार्टी को 35 फीसदी और कांग्रेस को 22 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं।
दिल्ली में अगर अभी लोकसभा चुनाव हों तो वोट फीसदी के आधार पर दिल्ली की सात सीटों में से आम आदमी पार्टी को 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी को 2 से 4 और कांग्रेस को 0 से 2 सीटें मिलती दिख रही हैं।
दरअसल दिल्ली-एनसीआर, उत्तर भारत और शहरी इलाकों में आप यानि आम आदमी पार्टी तीसरी ताकत बन चुकी है। कई इलाकों में आम आदमी पार्टी कांग्रेस और बीजेपी दोनों का खेल बिगाड़ सकती है। अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार को मुख्य चुनावी मुद्दा बना चुके हैं। पहले आम आदमी पार्टी के उदय को बीजेपी और कांग्रेस हल्के में ले रही थी। लेकिन दिल्ली में जीत के बाद उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब दोनों पार्टियों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
दिल्ली में आईबीएन7 के लिए सीएसडीएस के सर्वे में दो 10 बड़ी बातें सामने आईं। उनके मुताबिक जनवरी से अब तक BJP के वोट शेयर में 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आप के वोट शेयर में 13 फीसदी गिरावट की आशंका सामने आई है। कांग्रेस को कुछ फायदा होने के आसार दिखाई दिए हैं। हर तबके के बीच आप की लोकप्रियता में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है।
सर्वे के मुताबिक युवाओं के बीच आप की लोकप्रियता को सबसे ज्यादा झटका लगता नजर आया है। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आप अब भी सबसे आगे है। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को और नुकसान हो रहा है। ज्यादातर लोग ये मानते हैं कि केजरीवाल का इस्तीफा गलत है। सीधे मुकाबले में दिल्ली के लोग मोदी के बजाय केजरीवाल को पीएम चाहते हैं। लोग ये भी मानते हैं कि केजरीवाल की प्राथमिकता दिल्ली नहीं बल्कि लोकसभा चुनाव है।

महाराष्ट्र
नई दिल्ली। अगर अभी चुनाव हों तो क्या रहेगा मतदाताओं का मिजाज? इस बड़े सवाल का जवाब खोजने के लिए आईबीएन7 के लिए देश की जानी-मानी सर्वे एजेंसी सीएसडीएस ने किया चुनाव पूर्व सर्वे। सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक अगर अभी चुनाव हों तो महाराष्ट्र में यूपीए को 16-22 सीटें, एनडीए को 23-29 सीटें, अन्य को 1-5 सीटें मिलने की उम्मीद है। यूपीए को 36 फीसदी तो एनडीए को 42 फीसदी जबकि आम आदमी पार्टी को 5 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है। बाकी वोट बीएसपी, एनएनएस व अन्य के खाते में जाएंगे।

सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक महाराष्ट्र में इस समय 31 फीसदी लोग नरेंद्र मोदी को पीएम बनते देखना चाहते हैं। एक महीने पहले जनवरी में हुए सर्वे में 40 फीसदी लोग नरेंद्र मोदी को पीएम बनते देखना चाहते थे। राहुल गांधी इस समय 16 फीसदी लोगों की पीएम पद पर पसंद हैं, जबकि एक महीने पहले 14 फीसदी लोग उन्हें पीएम बनते देखना चाहते थे। सोनिया गांधी को 6 फीसदी, अरविंद केजरीवाल को 4 फीसदी और शरद पवार को भी 4 फीसदी लोग पीएम बनते देखना चाहते हैं।
लोकसभा चुनाव में किस आधार पर वोट डाले जाएंगे इस पर 43 फीसदी लोगों ने कहा कि वो स्थानीय उम्मीदवार को देखकर वोट डालेंगे जबकि 35 फीसदी ने कहा कि वो पार्टी को देखकर वोटिंग करेंगे। 12 फीसदी लोगों ने कहा कि वो पीएम उम्मीदवार के नाम पर तो तीन फीसदी लोगों ने कहा कि वो अन्य आधार पर वोट डालेंगे। सर्वे में महाराष्ट्र सरकार के कामकाज से 45 फीसदी लोग संतुष्ट दिखे जबकि 50 फीसदी असंतुष्ट दिखे।
महाराष्ट्र में फिलहाल कांग्रेस एनसीपी गठजोड़ का शासन है। पिछले तीन बार से विधानसभा पर इसी गठजोड़ का कब्जा रहा है। महाराष्ट्र की लोकसभा सीटों में भी इसी गठजोड़ का वर्चस्व है। क्या इस बड़े संपन्न राज्य में इस बार भी यही होगा। ये बड़ा सवाल है।
महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश के बाद 48 सीटों के साथ सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाला राज्य है। यहां यूपीए और एनडीए दोनों के गठबंधन तमाम विवादों के बावजूद बरकरार हैं। कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी और बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के प्रदर्शन से तस्वीर में बड़ा उलटफेर हो सकता है। यही नहीं महाराष्ट्र में कांग्रेस का प्रदर्शन उसका भविष्य भी तय कर सकता है

Saturday, March 1, 2014

Arvind Kejriwal: The politician with a hole in his sweater

There it was: clean, white and defiant.
A circle of Arvind Kejriwal's shirt was poking from a hole in the middle of his rumpled sweater. And below, his bare feet were clad in well-worn sandals with a relaxed coating of dust.
But perhaps more significant than Mr Kejriwal's choice of look for his BBC interview is that he will probably be quite happy for us to point it out - unlike many smarter-looking politicians.
'Third class governance' After his electoral breakthrough last year, dressing down is now a poll-tested way of dressing up his Aam Aadmi or Common Man party's anti-corruption campaign.
In the picture Mr Kejriwal seeks to paint, the always-flawless tailoring of India's political and business elite represents the corrupt old-order.
t was that order he was targeting in his interview, arguing that the old established parties have in effect conspired with a handful of Indian billionaires to create a new oligarchy.
So whether the Bharatiya Janata Party (BJP) and its leader Narendra Modi or Rahul Gandhi's ruling Congress party win the spring elections, "makes no difference".
Corruption was at the root of all India's problems he argued, dismissing suggestions it was only a minority urban concern.
It was why rural people struggled to find jobs and that "so many farmers are committing suicide"
Arvind Kejriwal 
                              Mr Kejriwal's sweater had a hole in the middle
He went further, saying that unless India tackles political corruption "the country will not survive".
Corrupt politicians "created the poison" behind India's frequent episodes of communal violence.
"Indians are first class people suffering from third class governance," he said, saying only a minority could prosper in India.
"If you go to America or London, you will see Indians shining," he said, which also sounded like a deliberate twist of the BJP's 2004 "India Shining" campaign slogan. "My job is to change the system so all of India can shine."
He claimed he had "substantially reduced" corruption during his short tenure as Delhi chief minister, by encouraging people to use their phones to record any official offering a bribe.
His plans for bringing change on a national scale are less clear. Mr Kejriwal said he doesn't want to be prime minister, but again declared himself "an anarchist" trying to "shake up the system."
Such remarks are bound to divide his many critics and supporters once more.
But regular salvos aimed at the AAP by Congress and the BJP are a clear sign they're rattled by his political insurgency. "This is a guerrilla force attacking two standing armies" says Professor Bina Agarwal of Manchester University.

And the hole in Mr Kejriwal's sweater says this is a man determined to keep burrowing. 

Tuesday, February 25, 2014

Comparision of Narendra Modi and Nayak "ambrish Puri;;;;;>>>>))

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Monday, February 24, 2014


मोदी के बाद केजरीवाल ने लिखी राहुल को चिट्ठी

नई दिल्ली। बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को गैस प्राइसिंग के मुद्दे पर चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में केजरीवाल ने 1 अप्रैल से गैस के दाम बढ़ाए जाने के मुद्दे पर अपना रुख साफ करने को कहा है।
राहुल को भेजी गई इस चिट्ठी में लिखा गया है कि 1 अप्रैल से गैस के दाम बढ़ जाएंगे। इससे सीएनजी के दामों में बढोतरी होगी और देश में त्राहि-त्राहि मच जाएगी। इसी गैस से बिजली का उत्पादन भी होता है। इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर नरेंद्र मोदी और आप चुप क्यों हैं।
कहा जा रहा है कि यूपीए की सरकार बनने पर आप (राहुल) प्रधानमंत्री होंगे। ऐसे में इस मसले पर आप की चुप्पी ठीक नहीं। लोगों का मानना है कि यूपीए सरकार का कोई भी फैसला आपके परिवार की मंजूरी के बिना नहीं होता है। गैस के दाम बढ़ाने का फैसला भी सरकार ने आपके परिवार से पूछकर लिया होगा। फिर भी लोग आपके मुंह से सुनना चाहते हैं कि क्या आप मुकेश अंबानी को 8 डॉलर प्रति यूनिट गैस के दाम का समर्थन करते हैं।
तीन दिन पहले केजरीवाल ने ऐसी ही एक चिट्ठी नरेंद्र मोदी को भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने ठीक ऐसे ही सवाल मोदी से पूछे थे। केजरीवाल ने बकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी, बीजेपी और अंबानी पर कई आरोप लगाए थे।
पढ़ें पूरी चिट्ठी -
आदरणीय श्री राहुल गांधी जी
गैस घोटाले मामले में श्री मुकेश अंबानी जी के खिलाफ आम आदमी पार्टी सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की थी।
आरोप है कि यूपीए सरकार के कुछ मंत्रियों ने श्री मुकेश अंबानी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने की मंशा से गैस के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया है। श्री मुकेश अंबानी जी को वर्ष 2000 में तत्कालीन एनडीए. सरकार ने गैस निकालने के लिए कुछ गैस के कुएं दिए थे। अंबानी जी को 17 साल तक 2.3 डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से सरकार को गैस देनी थी। लेकिन बाद में समय-समय पर सरकार पर गलत तरीके से दबाव डालकर श्री मुकेश अंबानी ने गैस के दाम 4 डॉलर प्रति यूनिट से भी ज़्यादा करवा लिए। आरोप है कि इन कुओं से गैस निकालने का खर्च मात्रा 1 डॉलर प्रति यूनिट से भी कम आता है। इसका मतलब केंद्र सरकार श्री मुकेश अंबानी को 1 डॉलर से भी कम की चीज़ के 4 डॉलर दे रही है। हद तो तब हो गई जब केंद्र सरकार ने आदेश पारित कर दिए कि 1 अप्रैल 2014 से श्री मुकेश अंबानी को 8 डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से गैस के दाम दिए जाएंगे। कहा जा रहा है कि श्री मुकेश अंबानी को इससे सालाना 54,000 करोड़ का नाजायज़ फायदा होगा। पूरे दिल्ली राज्य का सालाना बजट 40,000 करोड़ होता है। यानी कि सरकार मुकेश अंबानी जी को पूरी दिल्ली के बजट से भी ज्यादा का नाजायज़ फायदा दे रही है। और ये सारा पैसा हम लोगों की जेब से जायेगा। आखिर क्यों?
1 अप्रैल से देश के अंदर त्राहि-त्राहि मच जाएगी। सीएनजी के रेट बहुत बढ़ जाएंगे। इससे पूरे देश के अंदर यातायात महंगा हो जाएगा। इसी गैस से देश में बिजली का उत्पादन होता है, तो बिजली भी बहुत महंगी हो जाएगी। इसी गैस से खाद बनती है, तो खाने-पीने की सभी चीज़ें महंगी हो जाएंगी। आप समझ सकते हैं कि देश में कितनी ज़्यादा महंगाई हो जाएगी।
आप और मोदी जी अभी तक इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? यह एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि यू.पी.ए. की सरकार बनती है तो आप प्रधनमंत्री होंगे। इस वजह से इतने महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर आपकी चुप्पी ठीक नहीं है। वैसे तो लोगों का मानना है कि मौजूदा यू.पी.ए. सरकार कोई भी महत्त्वपूर्ण निर्णय आपके परिवार से पूछे बिना नहीं लेती। लोगों का मानना है कि यह निर्णय भी सरकार ने आपके परिवार से पूछ कर ही लिया होगा। पर फिर भी लोग आपके मुंह से सुनना चाहते हैं कि क्या आप मुकेश अंबानी जी को 8 डॉलर प्रति यूनिट गैस के दाम देने का समर्थन करते हैं?
लोग यह भी कह रहे हैं कि चुनाव के कुछ महीने पहले ही आखिर गैस के दाम दुगने करने के ऑर्डर क्यों किए गए? क्या बदले में श्री मुकेश अंबानी जी ने कांग्रेस को एक नंबर या दो नंबर में चंदा दिया है? या अन्य कोई
फायदा पहुंचाया है? यदि हां, तो वो क्या है? जब आम आदमी पार्टी सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने इस मामले में श्री मुकेश अंबानी जी के खिलापफ एफआईआर दर्ज की तो भाजपा और कांग्रेस दोनो के वरिष्ठ नेताओं ने उसका घोर विरोध किया। क्या दोनों पार्टियों के मुकेश अंबानी जी के साथ इतने घनिष्ठ संबंध हैं?
आप और मोदी जी दोनो देश विदेश में घूमने के लिए हैलिकॉप्टर और निजी हवाई जहाज़ों का इस्तेमाल करते हैं। ये हेलिकॉप्टर, हवाई जहाज़ किसके हैं? अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक आप खुलेआम श्री मुकेश अंबानी के जहाज़ों में घूमते हैं। लोग कहते हैं कि मोदी जी भी उनका जहाज इस्तेमाल करते हैं। क्या वो जहाज़ आपको फ्री में मिलते हैं या आप उनका किराया देते हैं? जनता में ये चर्चा है कि आपकी एक-एक रैली पर कई करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ये सारा पैसा किसका है कुछ लोगों का कहना है कि श्री मुकेश अंबानी आपको फंड कर रहे हैं। क्या यह सच है?
नीरा राडिया टेप में यह निकलकर आया है कि श्री मुकेश अंबानी जी बड़े गर्व के साथ कहते हैं कि कांग्रेस तो श्री मुकेश अंबानी की दुकान है। लोग कहते हैं कि केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग में श्री मुकेश अंबानी की दख़ल-अंदाज़ी होती है और वास्तव में यू.पी.ए. की सरकार तो श्री मुकेश अंबानी जी ही चलाते हैं। क्या यह सच है?
इसलिए आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि आप इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ें और देश की जनता को निम्नलिखित प्रश्नों के जवाब दें:
1-क्या आप श्री मुकेश अंबानी को 8 डॉलर प्रति यूनिट गैस के दाम देने का समर्थन करते हैं? यदि नहीं, तो क्या आप अपनी सरकार से कहकर इस आदेश को रद्द करवाएंगे?
2- श्री मुकेश अंबानी जी के साथ आपके और आपकी पार्टी के क्या संबंध हैं?
3-आपके चुनाव प्रचार पर कितना पैसा खर्च हो रहा है और वो पैसा कहां से आ रहा है?
4-क्या आप श्री मोइली को इस बार लोकसभा की टिकट देंगे, आपके कई मंत्रियों पर भी समय-समय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं जैसे श्री सलमान खुर्शीद, श्री कमल नाथ, श्री शरद पवार, श्री पी. चिदांबरम, श्री कपिल सिब्बल इत्यादि। क्या आप इन सबको टिकट देंगे?

चूंकि इस पत्र में जनता से संबंधित अहम मुद्दे उठाए गए हैं, इसीलिए मैं इस पत्र को सार्वजनिक कर रहा हूं। आप चाहे मुझे सीधे इस पत्र का जवाब न दें, लेकिन यदि आप इन मुद्दों पर अपने विचार सार्वजनिक रूप से बयान कर देंगे तो लोगों के मन के संदेह दूर हो जाएंगे।

Friday, February 21, 2014

About Netagan

Neta Gan | Online Voting Plateform for Indian Politicians and Indian Political Parties with immdiate election poll result. Netagan.in is a website of political survey. It provide political survey of best politicians and political party among India. You can see here country wise and state wise popular leader and popular party of india. The survey is a virtual voting or virtual election concept. Voter have option of like as well as dislike button.  This is similar to right to reject policy.

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